लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक कमाल अख्तर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में चीफ़ व्हिप के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। इससे पार्टी के विधायी नेतृत्व में एक और फेरबदल की संभावना बन गई है। मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले अख्तर ने सपा सांसद रुचि वीरा के साथ मतभेदों की खबरों के बाद यह कदम उठाया है। पार्टी नेतृत्व ने हाल ही में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए लखनऊ में एक बैठक बुलाई थी।
सांसद रुचि वीरा से उनकी अनबन के बाद लखनऊ में आलाकमान ने मीटिंग बुलाई थी और आज इस्तीफे की खबर आई। इससे पहले मनोज पांडे समाजवादी पार्टी के विधानसभा में सचेतक थे जिन्होंने क्रॉस वोटिंग करके सपा छोड़ी थी अब भाजपा सरकार में मंत्री हैं।
कमाल अख्तर ने कही ये बात
इंडिया टीवी से बातचीत में कमाल अख्तर ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का जो निर्देश होता है उसी निर्देश का हम सभी लोगों को पालन करना होता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मुझे कुछ और जिम्मेदारी देना चाहते होंगे, यहां कोई और अच्छा व्यक्ति आएगा तो ये तो प्रक्रिया है। बीजेपी में ही देख लीजिए ऐसे मिलते जुलते पद खाली पड़े हैं। जिनका नाम आप बोल रहे हो उनके साथ किसी भी तरीके की कोई भी बात बिल्कुल नहीं है, आप चाहे अगर उनसे बात कर ले अगर वह कुछ बोले तो मैं उसका जवाब देने को तैयार हूं लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है बिलकुल भी।
कमाल अख्तर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी को कल भी मजबूत किया था। आज भी मजबूत किया है और 2027 में सरकार बनाने के लिए और भी मजबूत करेंगे यही संकल्प है।
अखिलेश यादव के आदेश का किया पालन
सपा विधायक ने इस्तीफे के बाद एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश यादव जी का जो आदेश मिला है उसका हमेशा पालन किया है। जो भी आदेश मिलेगा उसका सदैव पालन करता रहूंगा।
कमाल अख्तर कौन हैं?
कमाल अख्तर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई पूरी की। अख्तर ने 2004 से 2010 तक उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया। साल 2012 में वे हसनपुर निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और बाद में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांठ निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल कर वे फिर से विधानसभा पहुंचे। उनकी पत्नी हुमेरा अख्तर 16वीं लोकसभा चुनाव में अमरोहा से समाजवादी पार्टी की लोकसभा उम्मीदवार थीं। हालांकि, उन्हें भाजपा के कंवर सिंह तंवर से हार का सामना करना पड़ा।
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